Spinoza’s theory of substance

Here’s a Hindi story inspired by Spinoza’s theory of substance:

एक समय की बात है, एक छोटे से गांव में एक बुढ़िया रहती थी। वह गांव की धरती पर अकेली रहती थी और उसके पास एक छोटा सा मकान था। उसका जीवन आरामदायक था और वह हमेशा स्वयं से संतुष्ट रहती थी।

एक दिन, एक गांव का युवक बुढ़िया के पास आया। युवक ने पूछा, “आप यहां अकेले कैसे रह सकती हैं? क्या आपको तनाव नहीं होता है?” बुढ़िया मुस्कान देती हुई बोली, “मेरा बेटा, मैं यहां अकेले नहीं रहती। मैं धरती के सभी प्राणियों के साथ एक हूँ।”

युवक हैरान हो गया और पूछा, “कैसे?” बुढ़िया ने आराम से बताया, “मेरा बेटा, स्पिनोज़ा ने कहा है कि सबसे बड़ा सत्य यह है कि सभी वस्तुएँ एक विशाल और अनंत वस्तु, यानी प्रकृति है। हम सभी इस एक विशाल सत्य के हिस्से हैं। हम अलग-अलग देहों और रूपों में हों, लेकिन हम सभी एक ही धरती के अंतर्गत जीवित हैं। हम सभी एक-दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं।

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